प्राथमिक स्तर पर हिन्दी शिक्षण में डिकोडिंग के लिए तैयार फ्लिप बुक

प्राथमिक स्तर पर बच्चों को हिंदी भाषा पढ़ाने के लिए हिंदी प्राध्यापक डॉ विजय कुमार चावला ने अपनी टीम के सहयोग से हिंदी डिकोडिंग एवं पठन पाठन के लिए तैयार की एक फ्लिप बुक ।
हिंदी प्राध्यापक डॉ विजय चावला ने बताया कि प्राथमिक भाषा शिक्षण कोर्स 2018 से बनी समझ के आधार पर उन्होंने विद्यालय में बच्चों को हिंदी पढ़ाने के लिए अनेक नवाचार प्रयोग में लाए । बच्चों को नवाचार तकनीक से पढ़ना बहुत अच्छा लगा । इसी कड़ी में उन्होंने अपने टीम के सहयोग से शुरूआती स्तर के बच्चों के लिए एक फ्लिप बुक तैयार की है। जिसमें बच्चे बड़े – बड़े अक्षरों को देखते हुए उनकी ध्वनि पहचान करते हुए डिकोडिंग कर पाएंगे । चावला ने आगे बताया कि इस फ्लिप बुक में दो अक्षर के शब्द , तीन अक्षर के शब्द व चार अक्षर के शब्दों का प्रयोग किया गया है। इन शब्दों को तैयार करते समय तुकांत शब्दों का भी ध्यान रखा गया है ताकि बच्चों को वर्ण मात्राओं की पहचान हो सके । बच्चे ध्वनि जागरूकता की पहचान करते हुए तथा अर्थ निर्माण करते हुए शब्दों का पठन कर पाए। यदि अध्यापक कक्षा-कक्ष में इस तरह की नवाचार तकनीक से हिंदी शिक्षण करवाता है, तो बच्चों को विषय बहुत रुचिकर लगता है । बच्चे रुचि लेते हुए ऐसी किताबों के माध्यम से अपने हिंदी भाषा के ज्ञान को सुदृढ़ कर सकते हैं । चावला ने बताया कि इस फ्लिप बुक को तैयार करने में कक्षा दसवीं की कोमल, आँचल व मधु ने उनके मार्गदर्शन में अपनी अपनी अहम भूमिका निभाई है । इस पुस्तक के माध्यम से बच्चों को चित्र दिखाते हुए पठन की ओर ले जाने का भी एक प्रयास किया गया है । यह फ्लिप बुक बच्चे स्मार्ट कक्षा कक्ष में प्रोजेक्टर के माध्यम से भी देखकर पढ़ सकते हैं। आज बच्चों को हिन्दी भाषा रुचिकर बनाते हुए पढ़ाई जानी चाहिए । कक्षा-कक्ष में हिन्दी पढ़ने के अधिक से अधिक मौके मिलने चाहिए। बच्चे हिन्दी को भी अच्छी तरह नहीं पढ़ पाते । इसलिए वे निरंतर नई- नई गतिविधियों के माध्यम से हिन्दी पढ़ाने के तरीकों का प्रयोग कर रहे हैं । आज उन्होने फ्लिप बुक के माध्यम से विद्यालय की कक्षा तीसरी के बच्चों के डिकोडिंग कौशल व पठन कौशल का आकलन किया और पाया कि बच्चे दो व तीन अक्षरीय शब्दों को तो पढ़ पा रहे थे , परन्तु चार अक्षरों वाले शब्दों में कई बच्चों को मुश्किलों का सामना करना पढ़ रहा था। बच्चों को चार अक्षरीय शब्दों को पढ़ने व पढ़ाने के क्षेत्र में और काम करने की आवश्यकता है । इस तरह की गतिविधियों से हम बच्चों के विभिन्न ज्ञान कौशलों का आकलन कर आगे की रणनीति बना सकते हैं व उन्हें पूर्णतः सक्षम बनाने में अपना सफल योगदान दे सकते हैं ।

Vijay Chawla

Vijay@68

I am a teacher by profession. My aim is to use innovative ideas in hindi teaching for the betterment of students and hindi language.

1 Response

  1. Vijay Chawla Vijay Chawla says:

    THANKS L.L.F FOR GIVING SUCH A GOOD PLATFORM TO SHARE INNOVATIVE PRACTICES AMONG ALL. IT WILL DEFINITELY HELP US ALL TO MAKE HINDI TEACHING FRUITFUL IN SCHOOLS.

Leave a Reply